D2M तकनीक क्या है?

D2M तकनीक का मतलब डायरेक्ट-टू-मोबाइल तकनीक है। यह तकनीक मोबाइल फोन उपयोगकर्ताओं को इंटरनेट का उपयोग किए बिना टीवी और ओटीटी देखने की सुविधा देगी। यह उसी तरह काम करेगा जैसे लोग अपने फोन पर FM रेडियो सुनते हैं। इसके लिए भारत सरकार के जनसंपर्क विभाग, सूचना एवं प्रसारण मंत्रालय और आईआईटी कानपुर ने व्यापक योजना भी बनानी शुरू कर दी है।

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D2M टेक्नोलॉजी से उपभोक्ताओं को कैसे होगा लाभ?

  • उपभोक्ता बिना इंटरनेट के मल्टीमीडिया सामग्री तक पहुंच सकते हैं।
  • यह मुफ़्त या काफ़ी सस्ती कीमत पर उपलब्ध होगा।
  • ग्रामीण क्षेत्रों में सीमित या बिना इंटरनेट पहुंच वाले लोगों को भी लाभ मिलेगा।
  • इसका उपयोग लाइव समाचार, खेल आदि प्रसारित करने के लिए किया जा सकता है।
  • इसका उपयोग आपातकालीन अलर्ट जारी करने और आपदा प्रबंधन में सहायता के लिए भी किया जा सकता है।
  • रिपोर्ट के मुताबिक, इंटरनेट पर आने वाला 80% ट्रैफिक वीडियो से होता है इसलिए यह तकनीक इंटरनेट पर दबाव कम करेगी और इसकी गुणवत्ता में सुधार करेगी।

बिजनेस कंपनियों की चिंताएं क्या हैं?

नेटवर्क प्रोवाइडर कंपनियों को चिंता है कि लोग अपने डिवाइस को रिचार्ज कराना कम कर देंगे जिससे कंपनियों को घाटा होगा।

निष्कर्ष-

वर्तमान में, टीवी की पहुंच लगभग 210-220 मिलियन घरों तक सीमित है जबकि भारत में 800 मिलियन स्मार्टफोन उपयोगकर्ता हैं। यह संख्या 2026 तक लगभग 1 बिलियन तक पहुंच सकती है। इसीलिए सरकार चाहती है कि मोबाइल पर भी चैनल प्रसारित किए जाएं ताकि लोगों तक जरूरी सूचनाएं पहुंचाई जा सकें।