18वां G20 शिखर सम्मेलन 9 और 10 सितंबर, 2023 को नई दिल्ली में हुआ, भारत ने पहली बार G20 शिखर सम्मेलन की मेजबानी की है।

विषय-

वसुधैव कुटुंबकम (दुनिया एक परिवार है)।

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G20 अब हो चुका है G21-

पहले, यह समूह G20 था क्योंकि यह 20 सदस्यों (यूएसए, मैक्सिको, कनाडा, यूके, इटली, जर्मनी, फ्रांस, ब्राजील, अर्जेंटीना, तुर्किये, यूरोपीय संघ, दक्षिण अफ्रीका, सऊदी अरब, भारत, चीन, रूस, जापान, कोरिया गणराज्य, इंडोनेशिया और ऑस्ट्रेलिया) का समूह था लेकिन अफ्रीकी संघ की सदस्यता के साथ ही अब यह समूह G21 हो चुका है।

आमंत्रित देश-

संयुक्त अरब अमीरात, स्पेन, सिंगापुर, ओमान, नाइजीरिया, नीदरलैंड, मॉरीशस, मिस्र और बांग्लादेश अतिथि के रूप में आमंत्रित देश थे।

भारत का सांस्कृतिक प्रदर्शन-

  • भारत मंडपम नामक शंख के आकार का एक अंतर्राष्ट्रीय प्रदर्शनी-सह-सम्मेलन केंद्र (IECC) परिसर, यह अनुभव मंडपम से प्रेरित है।
  • भारत मंडपम में 28 फीट ऊंची भगवान नटराज की कांस्य प्रतिमा(चोल शैली)।
  • ओडिशा के सूर्य मंदिर का कोणार्क चक्र।
  • नालन्दा विश्वविद्यालय की तस्वीरें।
  • तंजावुर पेंटिंग और ढोकरा कला।
  • बोधि वृक्ष के नीचे बैठे भगवान गौतम बुद्ध की पीतल की मूर्ति।
  • विविध संगीत विरासत (हिंदुस्तानी, कर्नाटक, लोक, भक्ति)।

G20 नेताओं की नई-दिल्ली घोषणा-

  • खाद्य सुरक्षा और पोषण पर जी20 डेक्कन उच्च स्तरीय सिद्धांत 2023.
  • लैंगिक समानता और महिला सशक्तिकरण।
  • डिजिटल पब्लिक इंफ्रास्ट्रक्चर (एआई, क्रिप्टो आदि)।
  • बहुपक्षीय संस्थाएँ (बहुपक्षीय विकास बैंक, यूएनएससी आदि)।
  • एसडीजी पर प्रगति में तेजी लाना।
  • विश्व स्तर पर निष्पक्ष, टिकाऊ और आधुनिक अंतर्राष्ट्रीय कर प्रणाली।
  • आतंकवाद और मनी लॉन्ड्रिंग का मुकाबला करना।
  • भगोड़े आर्थिक अपराधियों के विरुद्ध कार्य योजना।
  • रूस-यूक्रेन युद्ध में प्रमुख मतभेदों पर काबू पाना।

18वें G20 शिखर सम्मेलन के मुख्य परिणाम-

1. भारत-मध्य पूर्व-यूरोप आर्थिक गलियारा(IMEC)-

IMEC “वैश्विक अवसंरचना निवेश के लिए साझेदारी (PGII)” पहल का एक हिस्सा है।

इस गलियारे पर हम पहले ही अपने एक अन्य लेख में विस्तार से चर्चा कर चुके हैं। आप यहां क्लिक करके वह लेख देख सकते हैं।

2. वैश्विक जैव ईंधन गठबंधन (GBA)-

  • G20 के नौ देशों (भारत, अमेरिका, संयुक्त अरब अमीरात, दक्षिण अफ्रीका, मॉरीशस, इटली, बांग्लादेश, अर्जेंटीना और ब्राजील) ने GBA की पहल की है।
  • यह सरकारों, अंतरराष्ट्रीय संगठनों और उद्योगों का एक समूह होगा।
  • GBA जैव ईंधन को प्रमुख घटकों के रूप में बढ़ावा देगा।
  • इसके परिणामस्वरूप रोजगार सृजन और आर्थिक विकास होगा।
  • यह भारत के मौजूदा जैव ईंधन कार्यक्रमों को भी गति देगा।
  • कई देश और अंतर्राष्ट्रीय संगठन GBA में शामिल हो चुके हैं।

3. जलवायु वित्तपोषण प्रतिबद्धता-

  • जलवायु वित्तपोषण पर जोर दिया जाएगा।
  • 2030 तक वैश्विक नवीकरणीय ऊर्जा क्षमता को तीन गुना करने की दिशा में काम करने का संकल्प लिया गया है।

नेताओं ने खाद्य सुरक्षा और पोषण, आतंकवाद, क्रिप्टोकरेंसी आदि पर भी चर्चा की।