मुहूर्त ट्रेडिंग क्या है?

हिंदुओं के अनुसार ‘मुहूर्त’ शब्द का अर्थ शुभ समय होता है, इसलिए ‘मुहूर्त ट्रेडिंग’ का अर्थ है शुभ समय पर ट्रेडिंग करना।

भारतीय शेयर बाजार में मुहूर्त ट्रेडिंग एक पुरानी परंपरा है। यह एक घंटे की समय अवधि होती है जिसको भारतीय व्यापारियों और निवेशकों द्वारा दिवाली (दीपावली) के दिन मनाया जाता है। यह अनोखी प्रथा भारतीय शेयर बाजार में ही देखने को मिलती है।

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मुहूर्त ट्रेडिंग का इतिहास-

गौरतलब है कि व्यवसाय और ब्रोकिंग समुदाय दिवाली को नए साल की शुरुआत के रूप में मानते हैं, इसलिए बॉम्बे स्टॉक एक्सचेंज (BSE) ने 1957 में मुहूर्त ट्रेडिंग की परंपरा शुरू की और नेशनल स्टॉक एक्सचेंज (NSE) ने 1992 में इसकी शुरुआत की।

2023 में मुहूर्त ट्रेडिंग-

2023 में, मुहूर्त ट्रेडिंग 12 नवंबर (संवत् 2080 की शुरुआत) को शाम 6:15 से 7:15 बजे IST तक होगी। यहां BSE और NSE दोनों के लिए मुहूर्त ट्रेडिंगों से संबंधित समय दिया गया है-

वृत्तांतसमयविवरण
ब्लॉक डील सत्र5:45-6:00 PM ISTइस समयावधि में, दो पक्ष एक निश्चित मूल्य पर प्रतिभूति खरीदने/बेचने और इसके बारे में स्टॉक एक्सचेंज को सूचित करने के लिए सहमत होते हैं।
प्री-ओपन मार्केट6:00-6:08 PM ISTस्टॉक एक्सचेंज संतुलित कीमत निर्धारित करता है।
सामान्य बाज़ार6:15-7:15 PM ISTयह वह समय अवधि है जब सबसे अधिक व्यापार होता है।
कॉल नीलामी इलिक्विड सत्र6:20-7:05 PM ISTइस समयावधि में, अतरल/इलिक्विड प्रतिभूतियों का कारोबार किया जाता है।
समापन सत्र7:25-7:35 PM ISTएक व्यापारी/निवेशक समापन मूल्य पर ऑर्डर दे सकता है।

मुहूर्त ट्रेडिंग का महत्व-

नए उद्यम शुरू करने के लिए शुभ समय के रूप में, वित्तीय प्रयासों में समृद्धि को आमंत्रित करने के लिए, व्यापारियों और निवेशकों के लिए मुहूर्त ट्रेडिंग का विशेष महत्व है। इसको धन और सफलता लाने वाला माना जाता है, इस शुभ अवधि के दौरान व्यापार करना एक परंपरा रही है। पिछले वर्षों में, सेंसेक्स और निफ्टी दोनों सूचकांकों में सकारात्मक बढ़त देखी गई, जो इस औपचारिक व्यापार सत्र से जुड़े सकारात्मक परिणामों पर जोर देती है।

मुहूर्त ट्रेडिंग के लिए टिप्स और रणनीति-

  • मुहूर्त सत्र के दौरान अति उत्साहित न हों।
  • अतिव्यापार (overtrade) न करें।
  • व्यापार/निवेश से पहले एक उचित योजना बनाएं।
  • अफवाहों पर ध्यान न दें।