09 सितंबर, 2023 को नई दिल्ली में G-20 शिखर सम्मेलन में, प्रधान मंत्री मोदी ने भारत-मध्य पूर्व-यूरोप आर्थिक गलियारे (IMEC) के सिद्धांतों पर एक समझौता ज्ञापन के बारे में बात की। इससे एशिया, अरब की खाड़ी और यूरोप के बीच संपर्क और आर्थिक विकास बढ़ेगा। साथ ही, यह चीन के बेल्ट एंड रोड इनिशिएटिव या OBOR का एक विकल्प होगा, यही कारण है कि अमेरिका इस पहल को आक्रामक रूप से बढ़ावा दे रहा है।

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किस तरह का होगा कॉरिडोर(गलियारे) का रूट?

कॉरिडोर को दो पारगमन मार्गों में विभाजित किया जाएगा-

यदि पथ के बारे में गहराई से बात करें तो यह कुछ इस प्रकार होगा-

  • भारत को जहाज के जरिए यूएई या सऊदी अरब से जोड़ा जाएगा।
  • यूएई या सऊदी अरब को रेल मार्ग से इजराइल से जोड़ा जाएगा।
  • इजराइल को जहाज से ग्रीस या इटली से जोड़ा जाएगा।
  • ग्रीस या इटली अन्य यूरोपीय देशों से रेल मार्ग द्वारा जुड़ेंगे।

कॉरिडोर से क्या फायदे होंगे-

  • भारत-मध्य पूर्व-यूरोप आर्थिक गलियारा (IMEC) दोनों महाद्वीपों के बीच कनेक्टिविटी में सुधार करेगा।
  • इससे व्यापार करना आसान हो जाएगा।
  • यह स्वच्छ ऊर्जा और स्वच्छ बिजली तक पहुंच का विस्तार करेगा।
  • गलियारे में इंटरनेट केबल बिछाई जाएगी जो लोगो को जोड़ने का काम करेगी।
  • यह समावेशी और सतत आर्थिक विकास को सुनिश्चित करेगा।