डिसीज X

फरवरी 2018 में, विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) ने अपनी प्राथमिकता वाली बीमारियों की सूची में ‘डिसीज X’ शब्द पेश किया। यह एक अस्थायी नाम है जिसका उपयोग एक संभावित, अज्ञात रोगज़नक़ (pathogen) का प्रतिनिधित्व करने के लिए किया जाता है जो भविष्य में एक महामारी की शुरुआत कर सकता है।

स्वास्थ्य विशेषज्ञ दावा कर रहे हैं कि भविष्य की यह महामारी COVID-19 से भी अधिक घातक हो सकती है और 50 मिलियन से अधिक लोगों की जान ले सकती है।

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डेम केट बिंघम की चेतावनी-

यूके के वैक्सीन टास्कफोर्स की अध्यक्षता करने वाली डेम केट बिंघम ने डिसीज X के प्रभावों के बारे में गंभीर चेतावनी दी। उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि- हालांकि कोविड-19 गंभीर था लेकिन दुनिया भाग्यशाली थी कि यह अधिक घातक नहीं था और उन्होंने चेतावनी दी कि अगली महामारी कहीं अधिक खतरनाक हो सकती है।

उन्होंने कहा कि डिसीज X, कोविड-19 से सात गुना अधिक घातक हो सकती है। उन्होंने इस बात पर भी प्रकाश डाला, “कई वायरस तेजी से दोहराने और उत्परिवर्तन करने की क्षमता के कारण इस तरह की महामारी को ट्रिगर करने की क्षमता रखते हैं।”

उन्होंने कहा, “वैज्ञानिक परिश्रमपूर्वक 25 वायरस परिवारों (जिनमें से प्रत्येक में हजारों व्यक्तिगत वायरस हैं) की निगरानी कर रहे हैं, जिनमें से कुछ में गंभीर महामारी फैलाने की क्षमता है।

वैक्सीन की दिशा में यूके के प्रयास-

ब्रिटेन के वैज्ञानिकों ने इस अज्ञात लेकिन संभावित घातक रोगज़नक़ (pathogen) के लिए एक टीका विकसित करने के प्रयास शुरू कर दिए हैं। विल्टशायर के अत्यधिक सुरक्षित पोर्टन डाउन प्रयोगशाला परिसर में हो रहे इस शोध पर 200 से अधिक वैज्ञानिक काम कर रहे हैं।

उनका प्राथमिक ध्यान उन वायरस पर है जो मूल रूप से जानवरों को संक्रमित करते हैं लेकिन संभावित रूप से मनुष्यों में पहुंच सकते हैं और तेजी से विश्व स्तर पर फैल सकते हैं। कुछ वायरस जिनकी वे बारीकी से जांच कर रहे हैं उनमें बर्ड फ्लू, मंकीपॉक्स और हंतावायरस शामिल हैं, जो कृंतकों द्वारा प्रसारित होते हैं।