चंद्रयान-3 इसरो का तीसरा चंद्र मिशन है। चंद्रयान-2 मिशन को 2019 में लैंडिंग के दौरान चुनौतियों का सामना करना पडा उसके बाद यह इसरो का अनुवर्ती प्रयास है। चंद्रयान-3 को 14 जुलाई, 2023 को दोपहर 2:35 बजे IST श्रीहरिकोटा के सतीश धवन अंतरिक्ष केंद्र से सफलतापूर्वक लॉन्च किया गया है।
इसकी 23 अगस्त, 2023 को शाम 5:47 बजे IST पर चंद्रमा के दक्षिणी ध्रुव पर सॉफ्ट-लैंडिंग करने की उम्मीद है। यूरोपीय अंतरिक्ष एजेंसी (ईएसए) एक समझौते के तहत इस मिशन का समर्थन कर रही है।

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चंद्रयान-2 और चंद्रयान-3 के बीच प्रमुख अंतर यहां दिए गए हैं-

चंद्रयान-2चंद्रयान-3
1. इसमें एक ऑर्बिटर, विक्रम लैंडर और प्रज्ञान रोवर था।1. इसमें विक्रम लैंडर और प्रज्ञान रोवर है लेकिन कोई ऑर्बिटर नहीं है।
2. द्रव्यमान: 3850 कि.ग्रा.2. द्रव्यमान: 3900 कि.ग्रा.
3. कुल लागत: ₹978 करोड़3. कुल लागत: ₹615 करोड़
4. लैंडर के पास कोई लेजर डॉपलर वेलोसीमीटर नहीं था।4. लैंडर में लेजर डॉपलर वेलोसीमीटर है।
5. लैंडर में कम सौर पैनल शामिल थे।5. लैंडर में अधिक सौर पैनल लगे हैं।
6. लैंडर के पास कोई लेजर रेट्रोरिफ्लेक्टर ऐरे (एलआरए) नहीं था।6. चंद्रमा प्रणाली की गतिशीलता को समझने के लिए लैंडर के पास लेजर रेट्रोरेफ्लेक्टर एरे (एलआरए) है।
7. लैंडिंग साइट(लगभग): अक्षांश: 70S
: देशांतर: 22E
7. लैंडिंग साइट(लगभग): अक्षांश: 69S
: देशांतर: 32E
8. इसमें ईंधन कम था।8. यह बड़े ईंधन टैंक के साथ अधिक ईंधन ले जा रहा है।
9. इसमें ख़तरा पता लगाने वाला केवल एक कैमरा था।9. इसमें खतरे का पता लगाने वाले दो कैमरे हैं।

इस मौके पर कई नेताओं ने इसरो को बधाई-