कैसगेवी थेरेपी (Casgevy Therapy) क्या है?

हाल ही में, यूके के ड्रग रेगुलेटर ने सिकल सेल और थैलेसीमिया रोगों के इलाज के लिए ‘कैसगेवी थेरेपी’ नामक जीन-संपादन थेरेपी को मंजूरी दी है।

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कैसगेवी थेरेपी क्या है?

  • यह थेरेपी हीमोग्लोबिन (Hb) के संपादन के लिए CRISPR-Cas9 जीन तकनीक पर आधारित है।
    • यह वही तकनीक है जिसके लिए रसायन विज्ञान में 2020 का नोबेल पुरस्कार दिया गया था।
  • इस थेरेपी में मुख्य रूप से BCL11A जीन को लक्षित किया जाता है। यह जीन भ्रूणात्मक हीमोग्लोबिन से वयस्क हीमोग्लोबिन में परिवर्तन के लिए जिम्मेदार होता है।
  • कैसगेवी एक बार की चिकित्सा होती है, जिसमें रोगी के अस्थि मज्जे से स्टेम सेल्स को प्राप्त करने की आवश्यकता होती है, जिसे एफरेसिस (Apheresis) के नाम से जाना जाता है। इस प्रक्रिया में रक्त को फिल्टर किया जाता है ताकि स्टेम सेल्स सहित विभिन्न घटकों को निकाला जा सके।
  • इन स्टेम सेल्स को आमतौर पर छः महीने प्रसंस्कृत और शोधित किया जाता है, फिर उन्हें रोगी के शरीर में फिर से वापस डाल दिया जाता है।

सिकल सेल रोग क्या होता है?

कैसगेवी थेरेपी (Casgevy Therapy) क्या है?

  • सामान्यतः, लाल रक्त कोशिकाएं लचीली और डिस्क के आकार की होती हैं जिससे वे रक्त वाहिकाओं में सरलता से गति कर सकती हैं।
  • सिकल सेल रोग में, आनुवंशिक उत्परिवर्तन के कारण लाल रक्त कोशिकाएं अर्धचंद्राकार या हंसिया (sickle) का आकार ले लेती हैं।
  • यह परिवर्तित आकार रक्त वाहिकाओं के भीतर हीमोग्लोबिन के प्रवाह को बाधित करता है, जिससे संभावित रुकावटें पैदा होती हैं और शरीर के विभिन्न हिस्सों में रक्त का प्रवाह बाधित होता है।
  • यह रोग अफ़्रीकी और भारतीय क्षेत्रों में आम है।

थैलेसीमिया रोग क्या है?

थैलसेमिया एक दीर्घकालिक जन्मजात रक्त स्थिति है जिसमें शरीर योग्य मात्रा में हीमोग्लोबिन उत्पन्न करने में असमर्थ होता है, जिसके परिणामस्वरूप एनीमिया होता है।

CRISPR-Cas9 टेक्नोलॉजी क्या है?

CRISPR-Cas9 एक विशिष्ट तकनीक है जो आनुवंशिकीविदों और चिकित्सा शोधकर्ताओं को जीनोम के विशिष्ट खंडों को संपादित करने की अनुमति देती है। इस तकनीक में डीएनए अनुक्रम के अनुभागों को हटाना, जोड़ना या बदलना शामिल है।

निष्कर्ष-

यह थेरेपी क्रांतिकारी है लेकिन अनुमान के मुताबिक, इसमें प्रति मरीज करीब 2 मिलियन डॉलर (16.5 करोड़ रुपये) का खर्च आएगा। इसकी कीमत समाज के एक बड़े वर्ग के लिए बड़ी चुनौती है।