कुलधरा: एक श्रापित गांव

कुलधरा गांव भारत की सबसे डरावनी जगहों में से एक है। ऐसा कहा जाता है कि यह एक श्रापित गांव है। यह जैसलमेर से लगभग 18 किलोमीटर दक्षिण-पश्चिम में है। तीन सौ साल पहले, यह गाँव समृद्धि और जीवन से भरपूर था। हालाँकि, आज यह रहस्यमयी कहानियों और अनुत्तरित सवालों से घिरा एक वीरान इलाका बनकर खड़ा है।

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भूगोल:

गांव एक आयताकार क्षेत्र में स्थित था जिसका माप 861 मीटर * 261 मीटर (उत्तर-दक्षिण दिशा में) था। इसमें तीन लम्बवत सड़कें थीं, जो उत्तर और दक्षिण में शहर की दीवार के अवशेषों के बीच फैली कई संकरी गलियों से मिलती थीं, जबकि पूर्व की ओर सूखी काकनी नदी की सीमा थी। पश्चिमी दीवार को मानव निर्मित संरचनाएँ बनाती थीं।

इतिहास:

कुलधारा गाँव को शुरू में पाली से जैसलमेर क्षेत्र में प्रवास करने वाले ब्राह्मणों द्वारा बसाया गया था। ये प्रवासी, पाली के रहने वाले थे जिन्हें पालीवाल के नाम से जाना जाता था। विभिन्न शिलालेखों में संदर्भ, निवासियों की जाति को “कुलधर” या “कलधर” के रूप में दर्शाते हैं। ऐसा लगता है कि कुलधरा पालीवाल ब्राह्मणों का एक उप-समूह था, गाँव का नाम इसी जाति (उप-समूह) के नाम पर पड़ा है।

1899 में लक्ष्मी चंद द्वारा लिखित इतिहास की किताब तवारीख-ए-जैसलमेर के अनुसार, कुलधरा गांव में बसने वाले पहले व्यक्ति का नाम कधन (एक पालीवाल ब्राह्मण) था।

संस्कृति:

कुलधरा के ग्रामीण वैष्णव धर्म के अनुयायी थे। उनके मुख्य मंदिर में विष्णु और महिषासुर मर्दिनी की मूर्तियां थीं। मूर्तियों से पता चलता है कि पुरुष मुगल शैली की पगड़ी, अंगरखा आदि पहनते थे और खंजर रखते थे, जबकि महिलाएं अंगरखा या लहंगा पहनती थीं।

पतन:

कुलधरा: एक श्रापित गांव

ऐसा कहा जाता है कि कुलधरा, ऐयाश मंत्री सलीम सिंह (या जालिम सिंह) की हरकतों के कारण रातों-रात वीरान हो गया था। वह गांव की एक खूबसूरत लड़की को चाहता था और उसे जबरदस्ती ले जाने के लिए अपने सिपाही भेजता था। ग्रामीणों ने सिपाहियों से अगली सुबह वापस आने का अनुरोध किया, लेकिन उन्होंने रातोंरात गांव छोड़ दिया। एक अन्य कहानी में दावा किया जाता है कि 83 अन्य गांवों को भी रातोंरात छोड़ दिया गया था।

गाँव के वीरान होने के कुछ अन्य कारण भी बताए जाते हैं जैसे पानी की कमी या भूकंप।

पर्यटन:

राजस्थान सरकार ने 2010 में गांव को एक पर्यटक स्थल के रूप में विकसित करने का निर्णय लिया। तब से यह धीरे-धीरे एक भूतिया स्थान के रूप में ख्याति प्राप्त करने लगा और पर्यटकों को आकर्षित करने लगा।

पिछले कुछ वर्षों में, इस साइट पर बहुत सारी फिल्मों की शूटिंग की गई, जैसे-

  • कालो- द डेजर्ट विच
  • एजेंट विनोद
  • थीरन अधिगारम ओंद्रू
  • द एकेन: रुद्धस्वास राजस्थान